Font by Mehr Nastaliq Web

ग़ाज़ीपुर के रचनाकार

कुल: 10

भोजपुरी के समादृत साहित्यकार। चर्चित भोजपुरी "पत्रिका पाती" के संपादक। साहित्य अकादेमी के भाषा सम्मान से सम्मानित। हिंदी में भी लेखन।

समादृत कवि-कथाकार और पटकथा-लेखक। ‘आधा गाँव’ और ‘टोपी शुक्ला’ सरीखे उपन्यासों के लिए स्मरणीय।

भोजपुरी के अत्यंत सम्मानित आ प्रसिद्ध गीतकार। गीतन के अलावे कईगो नाटकन के रचना। भोजपुरी के साथ-साथ हिंदी में भी लेखन। आपन संगठनात्मक युक्ति-कौशल आ अद्भुत आयोजन क्षमता खातिर भी उल्लेखनीय।

सूफ़ी संत। शाह निज़ामुद्दीन चिश्ती की शिष्य परंपरा में 'हाजी बाबा' के शिष्य। भाषा में अवधी के साथ अरबी-फ़ारसी की शब्दावली का प्रयोग।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक और अनुवादक।

संत यारी के शिष्य और गुलाल साहब और संत जगजीवन के गुरु। सुरत शब्द अभ्यासी सरल चित्त संतकवि।

रीतिकालीन निर्गुण संतकवि और संत बुल्ला साहब के प्रधान शिष्य। वाणियों की मुख्य विषय-वस्तु अध्यात्म, प्रेम और शांति की कामना।

शिवनारायणी संप्रदाय के प्रवर्तक। वाणियों में स्वावलंबन और स्वानुभूति पर विशेष ज़ोर। भोजपुरी भाषा का सरस प्रयोग।

सरल भाषा में देशभक्ति और राष्ट्रीय भावना को अभिव्यक्त करने वाली भारतेंदु युगीन कवयित्री।