पटना के रचनाकार

कुल: 17

समादृत कवि। ‘गोली दाग़ो पोस्टर’, ‘भागी हुई लड़कियाँ’ और ‘सफ़ेद रात’ सरीखी कविताओं के लिए लोकप्रिय।

अकविता दौर के कवि-कथाकार और अनुवादक। जोखिमों से भरा बीहड़ जीवन जीने के लिए उल्लेखनीय।

द्विवेदीयुगीन प्रमुख उपन्यासकार, कथाकार और संपादक। पद्म भूषण से सम्मानित।

नई पीढ़ी के कवि। गद्य-लेखन में भी सक्रिय।

आठवें दशक के प्रमुख कवि-लेखक और संपादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

कविता-पटकथा और समीक्षा की विधा में सक्रिय।

सिक्खों के दसवें और अंतिम गुरु। 'खालसा पंथ' के संस्थापक। 'चंडी-चरित्र' के रचनाकार।

पेशे से पत्रकार, होम्योपैथ और मूलत: कवि। छह कविता-संग्रह प्रकाशित।

समादृत कवि-आलोचक। ‘नकेनवाद’ आंदोलन के तीन सूत्रधारों में से एक।

सुपरिचित कवि-लेखक। जन संस्कृति मंच से संबद्ध। 'अस्वीकार से बनी काया' शीर्षक से एक कविता-संग्रह प्रकाशित।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

नई पीढ़ी की सुपरिचित कवयित्री।

नई पीढ़ी के कवि। गद्य-लेखन और फ़ोटोग्राफ़ी में भी सक्रिय।

रसिक भक्त कवि। रामकथा वाचक और भक्तमाल के टीकाकार।

नई पीढ़ी की कवयित्री।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक। रंगमंच और सिनेमा में बतौर अभिनेता सक्रिय।

भूखी पीढ़ी आंदोलन और अधुनांतिक बांग्ला कविता से संबद्ध सुप्रसिद्ध कवि-लेखक-अनुवादक।

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