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सुधा और चंदेर के लिए

sudha aur chander ke liye

ऋषिता सिंह

ऋषिता सिंह

सुधा और चंदेर के लिए

ऋषिता सिंह

और अधिकऋषिता सिंह

    अगर पुनर्जन्म मिथ्या है तो तुमने मुझे अनंत काल के लिए खो दिया है!

    सत्य और मिथक का इतना ज्ञान कहाँ मुझे?

    मैं तो बस इतना जानती हूँ कि—

    तुम्हारा मेरे जीवन में आना एक सत्य है।

    और तुम सदा के लिए मेरे जीवन में ही रहोगे ये मिथ्या।

    तुम्हारा मुझसे ये कहते देना की मैं सिर्फ़ तुम्हारी हूँ,

    ये एक सत्य है और मेरा ये मान लेना कि तुम भी सिर्फ़ मेरे हो, ये मिथ्या।

    तुम्हारा मेरी आँखों को देखकर ग़ज़ल गाना सत्य हो सकता है,

    पर मेरे उस ग़ज़ल को प्रेम प्रास्ताव मान लेना, सिर्फ़ मिथ्या।

    तुम्हारा सब कुछ मेरे लिए सत्य था।

    और मेरा सब कुछ तुम्हारे लिए मिथ्या।

    तुम कहते हो कि मैंने तुम्हें अनंत काल के लिए खो दिया है

    पर सच कहूँ तो मैंने इस कल्प में कभी तुम्हें पाने की कोशिश की ही नहीं।

    मैंने सिर्फ़ प्रयास किए है, स्वार्थहीन प्रयास, तुम्हें स्वीकारने के लिए।

    संभव है कि मैं इस प्रयास में विफल रही,

    लेकिन फिर प्रेम में सफलता का क्या ही मोल?

    मैं अपनी हार में ख़ुश हूँ—

    हाँ, हो सकता है कि पुनर्जन्म सिर्फ़ एक कल्पना है।

    और अगर सच में हम सिर्फ़ एक ही बार जन्म लेते हैं,

    तो सोचो, ये कितना सुंदर है कि मैं सिर्फ़ एक बार इस धरती पर आई

    और सिर्फ़ एक बार किया जाने वाला प्रेम मुझे, तुमसे हो गया।

    अगर पुनर्जन्म मिथ्या है तो मैंने अनन्तकाल के लिए,

    सिर्फ़ तुमसे प्रेम कर लिया है।

    स्रोत :
    • रचनाकार : ऋषिता सिंह
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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