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भउजी

bhauji

प्रकाश उदय

और अधिकप्रकाश उदय

    भउजी माने झगरी

    पानी माने मछरी

    ना धइला खतिरा

    बुड़-बुड़ि पोखरा नहइला खतिरा

    मारे-मारे उपटी

    भइयो जी के डपटी

    छोड़इला खतिरा

    बाचा बाटे कहि के बचइला खतिरा

    सरदी में हरदी

    पियाई जबरजसती

    दवइया खतिरा

    घासो गढ़े जाय ना दी गइया खतिरा

    कमरा कमरा

    अँकवरवा

    जड़इया खतिरा

    अपने के गारी दी सतइला खतिरा

    जसहीं टँठाइब

    फेरुओ डँटाइब

    काथी दो कब दो कइला खतिरा

    (काथी दो कब दो कइला खतिरा)

    अउरू ना डेलिए डँटइला खतिरा

    (अउरू ना डेली डँटइला खतिरा)

    स्रोत :
    • पुस्तक : अरज-निहोरा (पृष्ठ 27)
    • रचनाकार : प्रकाश उदय
    • प्रकाशन : राजकमल प्रकाशन
    • संस्करण : 2020

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