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प्यार में पड़े लड़के

pyaar mein paDe laDke

अनामिका अनुगूँज

अनामिका अनुगूँज

प्यार में पड़े लड़के

अनामिका अनुगूँज

और अधिकअनामिका अनुगूँज

    प्यार में पड़े लड़के

    फब्तियाँ नहीं कसते

    रास्ते में जाती लड़कियों पर,

    वे घूरकर नहीं देखते

    बस या ट्रेन में चढ़ती

    लड़कियों के सीने को

    या शॉर्ट्स पहने बैडमिंटन खेलती

    लड़कियों की जांघों को।

    प्यार में पड़े लड़के

    गला नहीं घोंटते

    छोटी बहनों के सपनों का,

    वे अपनी बेपरवाही छोड़

    बन जाते हैं एक ज़िम्मेदार इंसान।

    ज़िम्मेदारी अपनी प्रेमिका के

    ऑफ़िस जाने से घर आने तक की सुरक्षा की,

    ज़िम्मेदारी अपने पिता की ज़िम्मेदारियों के प्रति

    ज़िम्मेदार बनने की,

    इन लड़कों के अपनी माँ से बात करने के लहज़े में

    ज़रा और मिठास घुल जाती है

    थोड़ी ज़्यादा हो जाती है उनकी समझ

    बहन के लिए गिफ़्ट लाने के मामले में।

    प्यार में पड़े लड़के नहीं झगड़ते अब

    बिना बात सड़कों पर,

    किसी एक लड़की से प्रेम करते हुए

    लड़के जान ही नहीं पाते कि

    वे अब पूरी दुनिया से प्रेम करने लगे हैं

    स्रोत :
    • रचनाकार : अनामिका अनुगूँज
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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