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पीछे रह जाना

pichhe rah jana

पूनम शुक्ला

पूनम शुक्ला

पीछे रह जाना

पूनम शुक्ला

और अधिकपूनम शुक्ला

    पीछे रह जाना

    हमेशा पिछड़ जाना नहीं होता

    ठीक उसी तरह

    जैसे रेलगाड़ी का

    सबसे पीछे वाला डब्बा

    और उसमें बैठा हरी झँडी लहराता गार्ड

    जैसे सबकी चाल ढ़ाल नापता हुआ

    पगडँडी पर चलता

    सबसे पिछला आदमी

    जैसे अपने छोटे से बच्चे के पीछे

    दौड़ते हुए पिता

    जैसे पीछे से आती हुई

    हमारा साथ देती कोई आवाज़

    जैसे पिता के पीछे चलती हुई माँ।

    स्रोत :
    • रचनाकार : पूनम शुक्ला
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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