Font by Mehr Nastaliq Web

परवाह करने वाले

parvah karne vale

कैरोल एन डफ़ी

कैरोल एन डफ़ी

परवाह करने वाले

कैरोल एन डफ़ी

और अधिककैरोल एन डफ़ी

    उन रहस्यमय मशीनों में घूमते हुए

    मुझे तुम्हारी फ़िक्र होती है।

    हर रोज़ आसमान से गिरते हैं लोग, बेजान से।

    बार-बार साँस लेना और छोड़ना आसान है

    सुरक्षा के एहसास से पूर्ण, घर जैसा सुरक्षित।

    घर के फ्रिज में तुम्हारी फ़ोटो है,

    बिजली के आते ही मुस्कराने लगती है।

    खुली जगहों पर धूप में झुलसते लोग

    नम दरख़्तों की नरम छाँव में सुकून पाते हैं

    सुरक्षा के एहसास से पूर्ण, घर जैसा सुरक्षित।

    आसमान में वो जो छेद है

    उसके नीचे बालू पर मत सोना।

    बहुत से लोगों को कुतरकर फेंक दिया गया है।

    सागरों के पार से आती हुई तुम्हारी आवाज़,

    उसे मेरे पास आने दो।

    सुरक्षा के एहसास से पूर्ण,

    घर जैसा सुरक्षित।

    प्यार से वंचित और बेघर लोग

    ग़ुस्से में भटक रहे हैं।

    जिन्हें अँधेरा पसंद है

    वे शॉर्टकट की चाह में जीवन गँवा देते हैं।

    उजाले में कोई तेज़-तेज़ चलता हुआ

    मेरी ओर रहा है

    सुरक्षा के एहसास से पूर्ण,

    घर जैसा सुरक्षित।

    स्रोत :
    • पुस्तक : सदानीरा पत्रिका
    • संपादक : अविनाश मिश्र
    • रचनाकार : कैरोल एन डफ़ी

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY