Font by Mehr Nastaliq Web

दुकान ह ई पंचर के पक्का

dukan ha ii panchar ke pakka

प्रकाश उदय

प्रकाश उदय

दुकान ह ई पंचर के पक्का

प्रकाश उदय

और अधिकप्रकाश उदय

    हैण्डिल पैडिल टायर चक्का

    दुकान पंचर के पक्का

    ना कवनो पोस्टर ना कवनो पलानी

    काठे के बक्सा बा नादे में पानी

    लागे के दुइ-चार टक्का

    दुकान पंचर के पक्का

    से भरइबऽ चवन्नी लगइबऽ

    अपने से भरबऽ ऊहो बचइबऽ

    पंप बदे भइल धरमधक्का

    दुकान पंचर के पक्का

    डक्टर वकीलऽफ्सर हीरो भा नेता

    लाखन-करोड़न में लेता देता

    सुनियो के हक्का बक्का

    (सुनियो के खाय ना सनक्का)

    दुकान पंचर के पक्का

    दुइ चेला, इक भैना, एगो भतीजा

    तनी-तनी गलती नौ-नौ नतीजा

    बुढ़वा लगी मम्मा कक्का

    दुकान पंचर के पक्का

    देसवा बँटा देले नेतवा अभागा

    एक्के में बान्हे धंधा के धागा

    दिल्ली लाहौर चाहे ढक्का

    दुकान पंचर के पक्का

    स्रोत :
    • पुस्तक : अरज-निहोरा (पृष्ठ 76)
    • रचनाकार : प्रकाश उदय
    • प्रकाशन : राजकमल प्रकाशन
    • संस्करण : 2020

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY