Font by Mehr Nastaliq Web

भोजपुरी भाषा

bhojapuri bhasha

अनीता साह

अनीता साह

भोजपुरी भाषा

अनीता साह

और अधिकअनीता साह

    छन्नपकैया छन्नपकैया, भोजपुरी हमरो भाषा।

    मिसरी जइसन बोली एकर, खूब जगावे अभिलाषा॥

    छन्नपकैया छन्नपकैया, सगरो ही बोलल जाला।

    भारत चाहे नेपाल कहीं जी, मरीसस में बा हाला॥

    छन्नपकैया छन्नपकैया, रोला, छंद, सवैया, दोहा।

    मधुर विधा भोजपुरी माई, केहू ली कइसे लोहा॥

    छन्नपकैया छन्नपकैया, कवितन, गजलन के धारा।

    ना कौनौ सीमा के बंधन, चारू ओरी उजियारा॥

    छन्नपकैया छन्नपकैया, अँचरा में चान सितारा।

    साहित्य गजब आलेख कथा, बा सूनर भरल पिटारा॥

    छन्नपकैया छन्नपकैया, शृंगार सुधा मस्ताना।

    कोयल चहके बगियन में, ओइसन करे दीवाना॥

    छन्नपकैया छन्नपकैया, भोजपुरी मस्त कबीरा।

    लिखलन गवलन दुनियादारी, बन फक्कड़ तंग फकीरा॥

    स्रोत :
    • पुस्तक : गुजर रहल बा जिन्दगी (कविता-संग्रह) (पृष्ठ 59)
    • रचनाकार : अनीता साह
    • प्रकाशन : ओरिएन्टल पब्लिकेशन हाउस प्रा. लि., काठमांडू, नेपाल
    • संस्करण : 2025

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY