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बरखा बहार

barkha bahar

आशाराम ‘जागरथ’

आशाराम ‘जागरथ’

बरखा बहार

आशाराम ‘जागरथ’

और अधिकआशाराम ‘जागरथ’

    ना सुनैं कहे यक्कौ आखर

    लरिकवै भये छाछर-माछर

    सतरंगी धनुहीं उई नीक

    घेरे झिसियाय घना बादर

    पुरवाई बहै झिहिर झिरझिर

    मोटकी बूनी टप टपर-टपर

    देहीं कय अन्होंरी जाय जुड़ाय

    उलरै जिउ भीजै उलर-पुलर

    करकर-करकर बरसै असाढ़

    अब कामै काम किसानी मा

    यकतनहा नीम कै पेड़ गवाह

    बचा बा पाहीमाफी मा

    भुजवा मेहराय गवा गठरी

    भेलिया लसियान जट्ट खोन्हाँ

    रबिया मदमस्त मदाहिन भै

    अवसाहिन लुगरी घर-कोना

    ग्वालिन गोलियाय जायँ छूतै

    चढ़ि तर-उप्पर लिल्ली घोड़ी

    मुँह मा दाबे अंडा-बच्चा

    उधिरायँ बहुत चिउँटा-चिउँटी

    गोबर भिहिलाने गिनगिनाय

    जिउ देखे बीच डहरिया मा

    यकतनहा नीम कै पेड़ गवाह

    बचा बा पाहीमाफी मा

    कारे कजरारे धुधुवारे

    सिंदूरी भूरे रतनारे

    रंग-बिरंगे घेरे बादर

    कटते जुड़ते छिपते सारे

    ईंन्हन-पानी छाँहें झटपट

    खटिया गोनरी घारी खटपट

    खुब मोट-मोट बूँदा-बाँदी

    टप टपर टपर टप्पा टपटप

    बरसा का ओसचटाव मेह

    भभका भै धधक जमीनी मा

    यकतनहा नीम कै पेड़ गवाह

    बचा बा पाहीमाफी मा

    पहिल पठौनी रूठे साजन

    बन्द केवाड़ अकेली आँगन

    बूँन-बूँन सिहरावन लागै

    भावन अगन लगावै सावन

    बिछिलाय किचिर कच्ची जमीन

    साया मा लपटी मारकीन

    झिरझिरी सूत भीजै उरूज

    खोलै अँगिया कै आलपीन

    चूल्हा पै चढ़ा-चढ़ा चाउर

    जरिकै भै खाक बटुलियै मा

    यकतनहा नीम कै पेड़ गवाह

    बचा बा पाहीमाफी मा

    बिजुरी चमकै, गरजै बादर

    बरसै पहिला पानी असाढ़

    गड़ही-गुड़हा उफनाय जाय

    भरि जाय लबालब खेत-ताल

    रतिया बीतै भिन्नहीं होय

    लाली वाले सूरज निकरैं

    पीयर-पीयर धोती पहिरे

    खुब टर्र-टर्र मेघा बोलैं

    हफ्तन गूँजै काने अवाज़

    बसि जाय नजारा आँखी मा

    यकतनहा नीम कै पेड़ गवाह

    बचा बा पाहीमाफी मा

    झीनी-झीनी फुही-फुहार

    झापस झंझा बाव-बयार

    मड़ई तरे खटियवा भीजै

    अउरागोंज बौख बउछार

    बछिया छाहें सिकुरी गाय

    सनका बैल सानी खाय

    करकर-करकर बरसै मउजै

    बहिरे खड़ी भइँस पगुराय

    सुदिन अगोरैं काटैं दुरदिन

    छगड़ी-बकरी कोने मा

    यकतनहा नीम कै पेड़ गवाह

    बचा बा पाहीमाफी मा

    भीजी उपरी भीजी लकड़ी

    चूल्हा उप्पर चूवै झोपड़ी

    रिरियायँ लरिकवै हिन्न-हिन्न

    माथा पीटै फोरै खोपड़ी

    झापस मा सावन झिमिर-झिमिर

    दिन भै बीतै बइठे मड़ई

    चिरई-सुग्गा उपुवास करैं

    उपुवास करैं मनई-तनई

    मेहराइ जाय भूजा चिउरा

    औ’ टघरी भेली खोन्हा मा

    यकतनहा नीम कै पेड़ गवाह

    बचा बा पाहीमाफी मा

    घन घड़घड़ घड़घड़ घड़घड़ाय

    भँवरा मनमन मन मनमनाय

    चींचीं-चींचीं चहकैं चिरई

    झींगुर झनझन झन झनझनाय

    अँचरा फहरै फर फहर-फहर

    पुरवइया सनसन सनसनाय

    मेहराहिन गंध सुगंध मंद

    मन खिली कली खिल खिलखिलाय

    बेहोस होस मदहोस जोस

    अल्हड़ असाढ़ अठखेली मा

    यकतनहा नीम कै पेड़ गवाह

    बचा बा पाहीमाफी मा

    स्रोत :
    • पुस्तक : पाहीमाफी (पृष्ठ 65)
    • रचनाकार : आशाराम ‘जागरथ’
    • प्रकाशन : रश्मि प्रकाशन, लखनऊ
    • संस्करण : 2021

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