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आदिम हसरतों का आदम

aadim hasarton ka aadam

सुनील मिश्र

सुनील मिश्र

आदिम हसरतों का आदम

सुनील मिश्र

और अधिकसुनील मिश्र

    आदिम हसरतों का आदम से कोई वास्ता नही

    जैसे सच का हलफ़ो-क़सम से कोई वास्ता नहीं

    वो किसी किसी तलाश में मशग़ूल है मुसलसल

    जुनूँ का ज़िंदगी के रंजो-ग़म से कोई वास्ता नहीं

    जो अब जी रहा हूँ मैं यह मेरी ज़िंदगी नहीँ है

    कहते हैं ज़िंदगी का जनम से कोई वास्ता नहीं

    तर-ब-तर रात गए सड़कों पे खिल-खिलाते हैं

    बच्चों की हँसी का वक्तो-मौसम से कोई वास्ता नहीं

    तासीर मेरे क़लाम की जो भी हो, ये ग़लत है मगर

    मेरे अश'आर का मेरे ज़ख़्म से कोई वास्ता नहीं

    मुमकिन है मेरे हालात की शिकायत तुम तक पहुँचे

    ख़ुदा मेरी मुश्किलों का मेरे सनम से कोई वास्ता नहीं

    स्रोत :
    • रचनाकार : सुनील मिश्र
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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