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चढ़ल बसन्त में

chaDhal basant mein

अशोक द्विवेदी

अशोक द्विवेदी

चढ़ल बसन्त में

अशोक द्विवेदी

और अधिकअशोक द्विवेदी

    चढ़ल बसन्त में, कइलऽ तूं फाग के चर्चा

    बरफ का घर में जइसे बा आग के चर्चा

    चोट पर चोट भइल, दिल प' घाव बा बहुते

    करीं आजु करीं कवना दाग के चर्चा

    घुसल जमात में हंसन का, चलत बा आगा

    खुसुर-फुसुर में सही, होता काग के चर्चा

    मिलल खुशी उहो ना रहल देखावे भर

    लोग करते रहल अपना अभाग के चर्चा

    गाँव में औरतन के बात कुछू बा अउरी

    दुख में सुख में बा हमेशा सुहाग के चर्चा

    जौन सुतले में डँसे, लहर आवे पावे

    उटल बा गाँव में फिर ओही नाग के चर्चा

    रुन्हल बा कंठ कहीं आदमी लउकत नइखे

    ईंट पाथर से अनेरे बा राग के चर्चा

    स्रोत :
    • पुस्तक : फूटल किरिन हजार (पृष्ठ 158)
    • रचनाकार : अशोक द्विवेदी
    • प्रकाशन : पाती प्रकाशन, बलिया
    • संस्करण : 2003

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