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स्याह ओकर चरित्र

syaah okar charitr

विभूति आनंद

विभूति आनंद

स्याह ओकर चरित्र

विभूति आनंद

और अधिकविभूति आनंद

    स्याह ओकर चरित्र, मुदा निमाहि चलैए

    तै लए हमर अभगली, बताहि बनैए

    बनिक' उदास गीत हम, नोरे तितैत छी

    तेँ त’ अहँक हँसी पर झड़कबाहि उठैए

    ने विषय आ ने वस्तु, भूमिका की करब

    संतोषक कवर-पृष्ठ पर, आहि अबैए

    देश हमर कहाँ, आ हम कत' छी

    उमरल सभ मनोरथ, काहि कटैए

    माछ फसल जाल, वंश दाव चढ़ल’छि

    सदिखन अहँक मोनमे, उजाहि उठैए

    स्रोत :
    • पुस्तक : उठा रहल घोघ तिमिर (पृष्ठ 9)
    • रचनाकार : विभूति आनन्द
    • प्रकाशन : भारती संस्थान, पटना
    • संस्करण : 1981

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