कथनी आ करनीमे अन्तर पड़ैए
kathni aa karnime antar paDaiye
कथनी आ करनीमे अन्तर पड़ैए
ओ भाषण जते, कहाँ राशन पबैए
पूजी, मशीन दुइ पाट बीच आदमी
पिसा रहल, चिक्कस गहूँमक बनैए
श्रमसँ जकर खेत उपजैछ आइ ओ
रोटी पर नून, मरचाय लय झखैए
सत्ता केर शासन व्यवस्थाक अढ़मे
अँगुरी अनीतिक संगमे रमैए
मैथिल किछु तहिना मैथिलिक नामपर
अपने हित सघबा ले आकुल रहैए
- पुस्तक : कान्ह पर लहास हमर [मैथिली गजल संग्रह] (पृष्ठ 36)
- रचनाकार : कलानन्द भट्ट
- प्रकाशन : किसुन संकल्प लोक, सुपौल
- संस्करण : 1983
Additional information available
Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.
About this sher
rare Unpublished content
This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.