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दोस हमरे गिनात बा

dos hamre ginat ba

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

दोस हमरे गिनात बा

नागेन्द्र प्रसाद सिंह

और अधिकनागेन्द्र प्रसाद सिंह

    दोस हमरे गिनात बा शहरिया में

    बानी चढ़ल समाज के नजरिया में

    कइसे आईं पास तोहरा बुझात नइखे

    दाग बहुते बा हमरा चदरिया में

    लोग मिलत उछाह में रहे जे काल्हु तक

    आज अँखिया बचावता डहरिया में

    ठेलि हमरा के मझधार बीच यार

    खेल खेलताड़े अपने लहरिया में

    स्रोत :
    • पुस्तक : सुर न सधे (पृष्ठ 33)
    • रचनाकार : नागेन्द्र प्रसाद सिंह
    • प्रकाशन : लोग प्रकाशन, पटना
    • संस्करण : 2000

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