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वेदना

vedna

बैसलि छी सिनेहक पथार लऽ कऽ

पिया चलि गेलहुँ कतऽ पहाड़ दऽ कऽ

दरिसनक आश बनल कलुष सपना

पूजाक दीप भेल नोरक नपना

अहाँ आबू सजल चन्द्रहार लऽ कऽ

पिया...

उदरि महक चुलि बुलि तात बिनु शान्त

निशबद भुवनमे छोड़ि कतऽ गेलहुँ कान्त?

सेहन्तित छी लोढ़ि सिङगरहार लऽ कऽ

पिया...

सासुक मधुर गप्प झड़काबै गात

कएलक अकच्छ तरुण पुरबा बसात

स्वाती अएलनि रसवन्ती धार लऽ कऽ

पिया...

सिहकल सरस पूस देह ठिठुरल

परिमल सिनेहक आश माघो बीतल

आबि गेल फागुन फुहार लऽ कऽ

पिया...

स्रोत :
  • पुस्तक : कलानिधि (पृष्ठ 118)
  • रचनाकार : कालीकान्त झा ‘बूच’
  • प्रकाशन : श्रुति प्रकाशन, नई दिल्ली
  • संस्करण : 2010

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