बरसू ललन जी के देशवा रे मेघबा
barsu lalan ji ke deshva re meghba
बरसू ललन जी के देशवा रे मेघबा
बरसू ललन जी के देशवा
रिमिकि झिमिकि बुन्द खसत पलंगपर
भीजत कुसुम रंग सरिया
कथी रे भीजत रामा लाली रे चुनरिया
कथी रे भीजत नामी केसिया
बुन्द भीजत रामा लाली रे चुनरिया
रभसे भीजत नामी केसिया
दाम दए लाला पगिया मंगायब
भेजब हरि के सनेसवा रे मेघवा
- पुस्तक : मैथिली लोकगीत (पृष्ठ 335)
- संपादक : अणिमा सिंह
- प्रकाशन : साहित्य अकादमी, नई दिल्ली
- संस्करण : 1993
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