प्रीति चौधरी के बेला
30 अक्तूबर 2026
दास्तान-ए-बीएचयू : चाँद तोहरे बाऊ क हव
रात गहरी है, देर तक जगने वाली लड़कियाँ भी सो चुकी हैं। छात्रावास के गलियारों में निस्तब्धता है और ऊपर दिखते आकाश से निरभ्र शांति झर रही है, पर यह शांति मेरी सीनियर के अशांत मन को सहला नहीं पा रही है।