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Ayodhya Singh Upadhyay 'Harioudh''s Photo'

अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'

1865 - 1947 | आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश

कवि और गद्यकार। खड़ी बोली हिंदी के प्रथम महाकाव्य 'प्रिय प्रवास' के रचनाकार।

कवि और गद्यकार। खड़ी बोली हिंदी के प्रथम महाकाव्य 'प्रिय प्रवास' के रचनाकार।

अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' के उद्धरण

आशा मेरे हृदय मरु की मंजु मंदाकिनी है।

भावों ही से अवनि-तल है स्वर्ग के तुल्य होता।

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