Font by Mehr Nastaliq Web

अधूरा पर उद्धरण

जीए बिना जो कुछ भी समझा जाता है, वह अधूरा है।

रघुवीर चौधरी

काम पूरा हो जाने पर कोई भी उसके करने वाले को नहीं देखता—हित पर ध्यान नहीं देता, अतः सभी कार्यों को अधूरे ही रखना चाहिए।

वेदव्यास

संबंधित विषय

हिन्दवी उत्सव 2026

रजिस्टर कीजिए