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दुर्गा पर दोहे

दुर्गा शाक्त संप्रदाय

की मुख्य अराध्य देवी हैं जिन्हें आदि-शक्ति, प्रधान-प्रकृति, गुणवती-योगमाया, बुद्धितत्त्व की जननी और विकाररहित बताया गया है। उनके 108 नाम हैं। नवरात्रि के अवसर पर उनकी विशेष पूजा का विधान है। पूर्वभूमि बंगाल में दुर्गा पूजा अत्यंत लोकप्रिय त्योहार है। यहाँ दुर्गा विषयक कविताओं से एक चयन प्रस्तुत किया गया है।

दुष्ट-दनुज-दल-दलन को, धरे तीक्ष्ण तरवार।

देश-शक्ति दुर्गावती, दुर्गा कौ अवतार॥

दुलारेलाल भार्गव

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