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आचार्य रामचंद्र शुक्ल के उद्धरण

यदि 'कला' का वही अर्थ लेना है, जो कामशास्त्र की चौंसठ कलाओं में है अर्थात् मनोरंजन या उपभोगमात्र का विधायक, तो काव्य के संबंध में दूर ही से इस शब्द को नमस्कार करना चाहिए।