Font by Mehr Nastaliq Web

श्रीमद् राजचंद्र के उद्धरण

यदि आप परमपद पाना चाहते हो, तो सत्य पुरुषार्थ करो। भवस्थिति आदि नाम लेकर आत्मतत्त्व की खोज बंद मत करो।