Font by Mehr Nastaliq Web

स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

व्यापारी सब जगह जाता है, इसलिए वह पहले दोनों युगों में एकत्र किए हुए विचारों को फैलाने में सफल होता है। उनमें क्षत्रियों से भी कम पृथकता होती है, परंतु सभ्यता की अवनति आरंभ हो जाती है।