Font by Mehr Nastaliq Web

गणेश शंकर विद्यार्थी के उद्धरण

विस्मृति उनके लिए हो सकती है, जो समर्थ हैं। विस्मृति का आडम्बर उनकी छवि बढ़ा सकता है; जो कूटनीति में प्रवीण हों, परंतु निर्बल और न्याय के प्यासों के लिए विस्मृति नहीं बनाई गई—वह उनके लिए विश्व का घूँट है।