कोंकड़ देश के पूर्व भाग की स्त्रियाँ मध्यम वेग वाली, सभी प्रकार के आलिंगनादि सुरत-विधियों को सहन करने वाली, अपने अंगों के दोषों को छिपाने वाली और पराई स्त्री के अंगों की हँसी उड़ाने वाली तथा कुत्सित, अश्लील, कठोर बात-व्यवहार से परहेज करने वाली होती हैं।