Font by Mehr Nastaliq Web

गणेश शंकर विद्यार्थी के उद्धरण

राष्ट्र के बालक तथा बालिकाएँ ही राष्ट्र की मानसिक तथा नैतिक संपत्ति हैं, और यह संपत्ति राष्ट्र की प्राकृतिक सम्पत्ति की अपेक्षा, कहीं अधिक मूल्यवान तथा कहीं अधिक महत्त्व की है।