Font by Mehr Nastaliq Web

आचार्य रामचंद्र शुक्ल के उद्धरण

रहस्यभावना किसी विश्वास के आधार पर चलती है, विश्वास करने के लिए कोई नया तथ्य या सिद्धांत नहीं उपस्थित कर सकती।