Font by Mehr Nastaliq Web

ओशो के उद्धरण

‘मैं’ से बड़ा और कोई असत्य नहीं। उसे छोड़ना ही संन्यास है। संसार नहीं, ‘मैं’ छोड़ना है क्योंकि वस्तुतः मैं-भाव ही संसार है।