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स्वामी विवेकानन्द के उद्धरण

कोई भी नीतिशास्त्र तब तक नहीं टिक सकता, जब तक उसके नियमों का आधार अलौकिकता न हो, या जैसा मैं कहना अधिक ठीक समझता हूँ—जब तक उसके नियम अतींद्रिय ज्ञान पर आधारित न हो।