Font by Mehr Nastaliq Web

महात्मा गांधी के उद्धरण

कोई भी मनुष्य की बनाई हुई संस्था ऐसी नहीं है, जिसमें ख़तरा न हो। संस्था जितनी बड़ी होगी, उसके दुरूपयोग की संभावनाएँ उतनी ही बड़ी होंगी। लोकतंत्र एक बड़ी संस्था है, इसलिए उसका दुरूपयोग भी बहुत हो सकता है।