जीवन में अपनी तक़दीर के लिए किसी बाहरी ताक़त पर दोष देना आसान है; कोशिश करना बंद कर देना आसान है, क्योंकि आप मान लेते हैं कि आपकी तो तक़दीर ही ख़राब है। यह सोचना तो आसान है कि आपका पालन-पोषण कहाँ हुआ था, आपके माता-पिता ने आपके साथ कैसा व्यवहार किया था, या आप किस स्कूल में गए थे, क्योंकि यह सब आपके भविष्य को तय करता है। सच्चाई से आगे कुछ भी नहीं हो सकता है। आम लोगों और महान पुरुषों और महिलाओं को इस बात से देखा जाता है कि वे जीवन की कठिनाइयों से कैसे निपटते हैं : हेलेन केलर, नेल्सन मंडेला, स्टीफ़न हॉकिंग, मलाला यूसुफ़जई और मॉकी मार्टिन।
अनुवाद :
महेंद्र नारायण सिंह यादव