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शम्स तबरेज़ी के उद्धरण

जब भगवान से प्यार करने वाला व्यक्ति शराबख़ाने जाता है, तो वह शराबख़ाने को ही अपना उपासना-गृह बना लेता है। लेकिन जब शराब का आदी व्यक्ति शराब पीने जाता है, तो शराब पीना उसके लिए ही रह जाता है।

अनुवाद : सरिता शर्मा