आचार्य रामचंद्र शुक्ल के उद्धरण
गोस्वामीजी की रामभक्ति वह दिव्य वृत्ति है, जिससे जीवन में शक्ति, सरसता, प्रफुल्लता, पवित्रता, सब कुछ प्राप्त हो सकती है।
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