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मैनेजर पांडेय के उद्धरण

एंतोनियो ग्राम्शी ने लोकमत का स्वरूप स्पष्ट करते हुए लिखा है कि लोकमत अनुभवाश्रित, यथार्थपरक, समयसापेक्ष और भौतिकतावादी होता है।