Font by Mehr Nastaliq Web

महादेवी वर्मा के उद्धरण

दीर्घकाल का दासत्व; जैसे जीवन की स्फ़ूर्तिमती स्वच्छंदता नष्ट करके उस बोझिल बना देता है, निरंतर आर्थिक परवशता भी जीवन में उसी प्रकार प्रेरणा-शुन्यता उत्पन्न कर देती है।