चर्षणी स्त्रियों के साथ पीसने, कूटने, पकाने के समय, धान आदि को कोठे से निकालने के समय, घर की सफ़ाई करने, खेतों में काम करने, कपास तथा ऊन निकालने, अतसी, सन, मूंज निकालने, काते हुए सूत को लाने, वस्तुओं के क्रय-विक्रय करने तथा अदला-बदली करने के समय संभोग के अवसर निकाले जा सकते हैं।