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कुँवर नारायण के उद्धरण

अतीत का अर्थ उतना ही नहीं, जितना वह एक परंपरा में बरकरार रहता है। बहुत कुछ ऐसा होता है, जो एक परंपरा के बाहर अतीत में छूट जाता है।