Font by Mehr Nastaliq Web

वात्स्यायन के उद्धरण

अंधकार में, भीड़-भाड़ में अथवा एकांत में धीरे-धीरे चलते हुए; नायक-नायिका दोनों के शरीर का अधिक देर तक घर्षण हो, तो 'उद्धृष्टक' आलिंगन कहलाता है।