धूमिल के उद्धरण
अज्ञेय की प्रेमिकाएँ अज्ञेय की प्यास हैं, उनका कोई आकार नहीं है। वे समाज में नहीं मिलेंगी। वे लेखक के मन की प्रतिमाएँ हैं।
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