पश्चिम बंगाल के रचनाकार

कुल: 24

समादृत बहुविद कवि-साहित्यकार-चित्रकार-दार्शनिक और समाज-सुधारक। राष्ट्रीय गान के रचयिता। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित।

छायावादी दौर के चार स्तंभों में से एक। समादृत कवि-कथाकार। महाप्राण नाम से विख्यात।

आरंभिक दौर के चार प्रमुख गद्यकारों में से एक। खड़ी बोली गद्य की आरंभिक कृतियों में से एक ‘प्रेमसागर’ के लिए उल्लेखनीय।

समादृत कथाकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-लेखक और अनुवादक। संपादन और पत्रकारिता से संबद्ध।

भारतेंदुयुगीन रचनाकार। 'हिंदुस्तान', 'भारत प्रताप' और 'भारतमित्र' आदि पत्र-पत्रिकाओं के संपादक। 'शिवशंभू का चिट्ठा' व्यंग्य रचना कीर्ति का आधार।

नवें दशक में उभरे कवि-लेखक। वैचारिक प्रतिबद्धता के लिए उल्लेखनीय।

सुप्रसिद्ध कवि-अनुवादक और कलाविद्। पद्मश्री से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-आलोचक।

सुपरिचित कवयित्री।

सुपरिचित कवि-लेखक और अनुवादक। भारतीय ज्ञानपीठ के नवलेखन और भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

सातवें दशक में उभरे कवि। अनुवाद, कला-आलोचना और संपादन में भी सक्रिय।

इस सदी में सामने आईं हिंदी कवयित्री।

नई पीढ़ी के कवि।

नई पीढ़ी की कवयित्री। संगीत में रुचि।

राजस्थानी भाषा के अत्यंत समादृत साहित्यकार। महाकवि के रूप में सम्मानित। हिंदी में भी अपने प्रचुर लेखन की वजह से सुपरिचित और उल्लेखनीय।

सुप्रतिष्ठित नेपाली कवि। ‘किनारीकृत लेखन अभियान’ के प्रणेता। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

बांग्ला के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार और कवि। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि-लेखक और पत्रकार। 'अपने हिस्से का प्रेम', 'तुम्हारा कवि' और 'इस तरह ढह जाता है एक देश' शीर्षक से तीन कविता-संग्रह प्रकाशित।

सुपरिचित कवि-लेखक और संपादक। चार कविता-संग्रह प्रकाशित।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक और कलाकार।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

सुपरिचित कवयित्री। कथा-लेखन और अनुवाद-कार्य में भी सक्रिय।

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