इलाहाबाद के रचनाकार

कुल: 16

‘मधुशाला’ के लिए मशहूर समादृत कवि-लेखक और अनुवादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

सुप्रसिद्ध कवयित्री। 'झाँसी की रानी' कविता के लिए स्मरणीय।

सगुण भक्ति परंपरा के संत कवि। ‘अजगर करे ना चाकरी...’ जैसी उक्ति के लिए स्मरणीय।

रीतिबद्ध कवि। भावों के सघन विधान और कल्पना के सफल निर्वाह के लिए समादृत नाम।

समादृत कथाकार। समय-समय पर काव्य-लेखन भी।

नई पीढ़ी के कवि। पत्रकारिता से भी जुड़ाव।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक और अनुवादक।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

नई पीढ़ी से संबद्ध सुपरिचित कवि-लेखक। 'घर एक नामुमकिन जगह है' शीर्षक से एक कविता-संग्रह प्रकाशित। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

सुपरिचित कवि और पत्रकार। जन संस्कृति मंच से संबद्ध।

सुपरिचित कवि-लेखक। दलित-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कथाकार-कवि। चार पुस्तकें प्रकाशित।

नई पीढ़ी के कवि।

आठवें-नवें दशक की हिंदी कविता का सुपरिचित नाम। अब दृश्य से ओझल। भीतर के ख़ालीपन से त्रस्त होकर आत्महत्या की।

नई पीढ़ी की लेखिका और पत्रकार।

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