उसने कहा
usne kaha
मुदित के लिए
उसने कहा
तुम्हें क्रांति लानी है
तुममें इतना सामर्थ्य है
कि तुम महावत की डोर को
एक आम झटके से
तोड़ सकती हो
उसने मुझे उस हाथी की कहानी सुनाई
जो अपने कमज़ोर मन की डोरी संग क़ैद था
मैं उसकी बातें सुन रही थी
उसने पितृसत्ता की डोरी को
एक झटके से तोड़ दिया था
असल में वो क्रांति ला रहा था।
- पुस्तक : मेरे घर में पृथ्वी (पृष्ठ 50)
- रचनाकार : वैशाली थापा
- प्रकाशन : हिंदीस्थान प्रकाशन
- संस्करण : 2025
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