Font by Mehr Nastaliq Web

उगैत सूर्यकेँ प्रणाम

ugait suryken prnaam

आरसी प्रसाद सिंह

आरसी प्रसाद सिंह

उगैत सूर्यकेँ प्रणाम

आरसी प्रसाद सिंह

और अधिकआरसी प्रसाद सिंह

    चेतनाक लहरि उठल बन-बाध, गाम-गाम

    आउ, आइ हम करी उगैत सूर्यकेँ प्रणाम

    भेल भोर-भिनसर,

    एखनो धरि सूतल जे,

    कहू, के अभागल अछि

    ओकरा सन भूतलमे?

    अपने जँ पड़ल, तँ किएक ने बिधातो बाम?

    चेतनाक लहरि उठल बन-बाध, गाम-गाम।

    अजगुत देखू तँ,

    बेंग आँखि मीड़ि रहल।

    कारी गुज्ज पर्वत सन

    अजगरके गीड़ि रहल।

    गाबै अछि चिड़ैयो-चुनमुन्नी सब अहीँक नाम

    चेतनाक लहरि उठल बन-बाध, गाम-गाम।

    लेरू जे हुकरि रहल

    दूध गाइ केर ढेन

    चालू भऽ गेल पानि

    पनिघट पर लेन-देन

    काहिल केर भाग्यमे गूड़ब छनि बैस झाम

    चेतनाक लहरि उठल बन-बाध, गाम-गाम।

    पूरब दिस नजरि उठा

    देखू तँ एक घड़ी,

    गेरूसँ नीपि रहल

    आँगन के लाल परी?

    ब्राह्मी एहि वेलामे जनमि रहल सत्यकाम

    आउ, आइ हम करी उत सूर्यकेँ प्रणाम।

    जागल ले चोर नहि,

    दीप ने अन्हार की?

    उदौंमे अभाव नहि,

    कम्बल ले जाड़ की?

    काया की जकरासँ चूअल नहि श्रमक घाम?

    आउ, आइ हम करी उगैत सर्यकेँ प्रणाम।

    जागू हे, फरीछ, भेल,

    आब निन्न दिअऽ तोड़ि

    अहाँ तँ जेना होइ

    पीने किछु जहर घोरि

    सुतले रहि जायब की ततमतमे अही ठाम?

    चेतनाक लहरि उठल बन-बाध, गाम-गाम।

    जीवन भऽ रहल गणित,

    एक-दू-तीन अंक।

    धोल धाऽल भेड़ी जुनि

    लागय पुनि आब पाँक।

    आमक तँ आम खाउ, आँठियोक लिअऽ दाम।

    चेतनाक लहरि उठल बन-बाध, गाम-गाम।

    देल गेल नवल मन्त्र,

    नवल तन्त्र, नवल सूत्र।

    अपन योग-क्षेम लिअऽ,

    जागू हे भूमि-पुत्र।

    बनबऽक अछि स्वदेश पुण्य-भूमि, विश्व-धाम।

    आउ, आइ हम करी उगैत सूर्यकेँ प्रणाम।

    स्रोत :
    • पुस्तक : सूर्यमुखी (पृष्ठ 7)
    • रचनाकार : आरसी प्रसाद सिंह
    • प्रकाशन : मैथिली अकादमी, पटना
    • संस्करण : 2011

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY