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उदास थी मैं

udaas thi main

ममता धवन

ममता धवन

उदास थी मैं

ममता धवन

और अधिकममता धवन

    ये मेरा शहर था

    अब खाली खाली ही लगता है

    मैं आश्चर्य के साथ

    इसके बदलते रूप को देख रही हूँ

    चुप्पी के साथ

    इसकी गलियों से गुज़र रही हूँ

    दिखने को शून्य दिखता है

    पर सुनाई दे रहा है

    उस बीते समय का शोर

    जो दिलचस्प था

    मेरे लिए ये शहर

    रुकी घड़ी जैसा हो गया है

    जिसके सेल

    पच्चीस बरस पहले निकाल दिए थे

    मेरे पास इस शहर की

    कितनी ही स्मृतियाँ हैं

    मन होता है इस बार

    सब यहीं दफ़न कर जाऊँ

    क्योंकि अब

    न वो गलियाँ बची हैं

    न वो घर

    सबके नक्शे बदल चुके हैं

    अपने दोस्त भी शहर बदल चुके हैं

    दिमाग पर बहुत ज़ोर देकर भी

    इन सड़कों पर भटकते हुए

    शायद ही

    कोई स्मृति चिह्न को पकड़ पाई हूँ

    सिवाय एक शिवालय

    सिवाय एक शिक्षालय के

    मुझे समझ आ गया है

    नयापन हमेशा आकर्षक नहीं होता

    मेरा मन उदास है

    इस शहर ने मुझे अकेला कर दिया

    स्रोत :
    • रचनाकार : ममता धवन
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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