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तल

tal

शहंशाह आलम

अन्य

अन्य

और अधिकशहंशाह आलम

    तल, गहरे तल जाकर

    मैं क्या लाऊँगा

    जिस तल में रहती है पनडुब्बी

    अपने भीतर परमाणु छिपाए

    आदमियों को शहरों को

    नष्ट करने के लिए तत्पर

    तब भी तल में मैं बचाता हूँ

    छंद पानी के आपके लिए

    शब्द के भाषा के मुहावरे के

    नए द्वार खोलता हुआ।

    स्रोत :
    • पुस्तक : थिरक रहा देह का पानी (पृष्ठ 27)
    • रचनाकार : शहंशाह आलम
    • प्रकाशन : बोधि प्रकाशन
    • संस्करण : 2018

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