Font by Mehr Nastaliq Web

स्त्री : तीन दृश्य

stri ha teen drishya

सुमित मिश्र गुंजन

सुमित मिश्र गुंजन

स्त्री : तीन दृश्य

सुमित मिश्र गुंजन

और अधिकसुमित मिश्र गुंजन

    स्त्री-1

    अखबार मे बलात्कारक खबरि पढ़िक'

    अपन दमित वासना केँ जगयबाक प्रयास मे

    अक्सरहाँ

    कपूर भ' जाइत अछि संस्कार

    नांगट भ' जाइत अछि आत्मा

    कि तखने—

    मिसरी सन मीठ आवाज मे

    हाक पाड़ैत अछि छोटकी बेटी

    हम मर्यादाक हाउ सँ

    एकबैग झाँपि लैत छी मुँह।

    स्त्री-2

    सभतरि अदंक पसरल छै

    कियो किछु नहि बाजि रहल अछि

    की भेलै समाज केँ?

    कियैक बनल छै मरचर?

    बमगोला खसलै?

    हत्या भेलै?

    वा कोनो कलंकिनीक कोखि सँ

    फेरो जनमलै बेटी?

    स्त्री-3

    हम जतेक स्त्री केँ चिन्हैत छलहुँ

    प्रायः सभ नदी बनि चुकल अछि

    एतय सभकिछु अपूर्ण अछि

    अपूर्णे रहत

    एहि धरती परहक सम्पूर्ण हरियरी

    धोखरिक'

    उपटिक'

    जमि गेल छै

    हमर स्वप्नक कोन मे गुमसुम बैसल

    नायिकाक उज्जर आँचर पर!

    स्रोत :
    • पुस्तक : पेटकुनियाँ लधने प्रश्न (पृष्ठ 37)
    • रचनाकार : सुमित मिश्र गुंजन
    • प्रकाशन : नवारम्भ, पटना/मधुबनी
    • संस्करण : 2024

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY