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स्मृतिमे पिता

smritime pita

आनन्द मोहन झा

आनन्द मोहन झा

स्मृतिमे पिता

आनन्द मोहन झा

और अधिकआनन्द मोहन झा

    हम खट-खटबितहुँ केबाड़

    किओ खोलितए केबाड़, कहितए—आउ आउ बैसू!

    कुर्सी घीचिक' दितए सोझाँ, पुछितए हाल-समाचार

    आग्रह करितए चाहक

    जखन रहथि पिता जीबैत

    तखनहुँ सभटा काज त' करैत रही हमहीं

    नहि होइत रहय असोकर्य

    मुदा हँ....

    नहि खोलय पड़ैत रहय दिनमे चारि बेर क'

    घरक ताला

    ठाढ़ छी चौखटि पर

    हाथमे अछि घरक कुँजी

    स्मृतिमे छथि पिता

    आँखिमे...!

    स्रोत :
    • पुस्तक : नो मेन्स लैण्ड पर ठाढ़ कवि (पृष्ठ 85)
    • रचनाकार : आनन्द मोहन झा
    • प्रकाशन : नवारम्भ, मधुबनी/पटना
    • संस्करण : 2024

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