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पहली नज़र में

pahli nazar mein

पल्लवी जयराम

पल्लवी जयराम

पहली नज़र में

पल्लवी जयराम

और अधिकपल्लवी जयराम

    पहली नज़र में चौंधिया सकती हैं आँखें

    या दिख सकती है, कमी

    मिल सकता है, कमज़ोरी का सुराग

    जिससे किसी के व्यक्तित्व को बेधा जा सके।

    त्वरित प्रतिक्रियाएँ,

    प्रायः कर निर्णायक नहीं होती।

    पहली नज़र में हो सकता है

    तीव्र आकर्षण

    उठ सकते हैं, वासना के बवंडर

    लोभ से भर सकता है मन

    अस्थिर आसक्ति भी उपजती रही है।

    लेकिन कभी नहीं हो सकता

    पहली नज़र में, प्रेम।

    क्योंकि प्रेम विचार मिश्रित,

    परिष्कृत भावनाओं का नाम है।

    स्रोत :
    • रचनाकार : पल्लवी जयराम
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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