महाभारत का युद्ध
mahabharat ka yuddh
पहले महिलाओं के वस्त्र उतारने पर
हो जाया करता था ‘महाभारत’,
लेकिन आज उल्टा है
आज वस्त्र पहनाने पर
हो जाता है महाभारत।
फ़र्क़ ये है कि—
पहले एक पुरुष के द्वारा
किया गया स्त्री का अपमान
सहन नहीं कर पाता था
दूसरा पुरुष,
और उसका जगा हुआ पुरुषत्व
दुष्टों का समूल नाश कर देता था।
आज महिलाओं के चीर हरण करने
नहीं आ रहा है कोई दु:शासन,
बल्कि वो अपना चीर हरण स्वयं कर रहीं हैं।
अगर ऐसा ही होना उचित है,
तो फिर व्यर्थ गया ‘महाभारत का युद्ध’
जिसमें हज़ारों पुरुष
केवल उस कारण से मारे गए,
जो कि आधुनिक महिलाओं के लिए सिर्फ़ फैशन है।
- रचनाकार : सूर्य प्रकाश शर्मा
- प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित
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